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Saturday, 18th August 2018
   
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धर्म संसार

शनिवार को करें इन भक्त की पूजा, बरसेगी शनि कृपा

शनिवार को शनि देवता कि पूजा का विधान है। कुंडली में इन्हें अनुकूल करने के लिए जातक बहुत सारे प्रयास करते हैं।

क्या आप जानते हैं भगवान विष्णु से संबंधित ये तीन रहस्य

भगवान विष्णु के इस रूप को देखकर पहली बार में हर किसी के मन में यह विचार आता है कि सांप के राजा शेषनाग के ऊपर विराज कर कोई इतना शांत स्वभाव कैसे हो सकता है।

कालाष्टमी: प्रेम में सफलता हेतु कल रात चौराहे पर करें ये प्रयोग

शिवपुराण के अनुसार इसी दिन मध्यान्ह में रुद्रावतार भैरव उत्पन्न हुए थे, इसी कारण इसे कालाष्टमी पर्व कहते हैं।

शुक्रवार का गुडलक: उमानंद भैरव करेंगे गुप्त रोगों का निदान

शिवपुराण के अनुसार इसी दिन मध्यान्ह में रुद्रावतार भैरव उत्पन्न हुए थे, इसी कारण इसे कलाष्टमी कहते हैं।

चाणक्य नीति- बुरी लतों का शिकार व्यक्ति कभी नहीं हो सकता सफल

आचार्य चाणक्य हमारे देश के एक ऐसे महान विद्वान रहे है जिनकी बताई गई बातें आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी उनके समय में थी।

घर में यहां रखते हैं मृतकों की तस्वीर तो कभी नहीं मिलेगा वास्तु दोष से छुटकारा

आजकल ज्यादातर लोग अपने घरों में परिवार के मृत लोगों की तस्वीरें लगा लेते हैं क्योंकि उन लोगों से उनकी भावनाएं जुड़ी होती है।

श्रीराम जी के चरण चिन्ह में है अपार शक्ति

संतों की सहायता के लिए राजाधिराज भगवान श्री रामचंद्र जी ने अपने चरण कमलों में सुख देने वाले इन चिह्नों को धारण किया है।

बिना तोड़-फोड़ एेसे कर सकते हैं घर के वास्तु दोष नष्ट

कई बार वास्तु दोष के कारण घर की सुख-समृद्धि भंग होने लगती है। इसके कारण हमेशा घर-परिवार को समस्यों का सामना करना पड़ता है।

इस गांव में होलिका दहन करने पर जलने लगते हैं भगवान शिव के पांव, ये है कारण

भारत में जहां पिछले कुछ दिनों होली का पर्व बड़ी धूम-धाम से मनाया गया, वहीं कुछ एेसे भी जगहे हैं जहां होली का त्यौहार मनाने का रिवाज नहीं है।

शनि-मंगल युति देश-दुनिया के लिए खतरनाक, 2 मई तक रहें सावधान!

भारतीय ज्योतिष की अपनी विशेषता है। जब दो या दो से अधिक ग्रहों का एक राशि में गोचर हो तो यह किसी भी शुभ या अशुभ योग, ऋण आदि का निर्माण करता है।

घर में रखा यह एक पौधा, वास्तु दोषों को करेगा जड़ से खत्म

वास्तु में अनुसार पेड़-पौधों का अधिक महत्व माना जाता है। इसके हिसाब से कई पेड़-पौधे बेहद शुभ होते हैं और इनको घर में लगाने से अनेकों फायदे होते हैं।

रूका धन पाना चाहते हैं वापिस, करें इस मंत्र का रोज जाप

प्रत्येक व्यक्ति की यही कामना होती है उसका जीवन मंगलमय हो। लेकिन केवल एेसा सोचने से ही किसी का जीवन सुख-ससृद्ध पूर्ण नहीं होता।

श्री शीतला माता मेला आज से आरंभ

श्री शीतला माता का मेला 6 मार्च से शुरू हो गया है, जोकि 13 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान भक्तों द्वारा बासड़ा पूजन होगा।

ब्रह्मा के एक वरदान से जब इस असुर ने बनाई मुर्दों को जीवित करने वाली बावड़ी

ब्रह्मा जी से वर पाने के उपरांत तारकासुर के तीन पुत्र तारकाक्ष, कमलाक्ष और विद्युन्माली ने मयदानव के द्वारा तीन पुर (त्रिपुर) तैयार करवाए।

देवी मंदिर में स्तंभों से निकलते हैं संगीत के सातों स्वर, होता है अक्षराभिषेक

विश्वभर में अनेकों देवी मंदिर हैं जिन्हें बहुत प्रसिद्धि प्राप्त है। उन्हीं में से एक आंध्र प्रदेश के बासर गांव में हैं। यह मंदिर देवी सरस्वती को समर्पित है।

वर्ष में एक बार खुलता है 'लिंगाई माता मंदिर', स्त्री लिंग में होती है शिवलिंग की पूजा

भारत देश के कोने-कोने में प्राचीन मंदिर स्थापित हैं। इन मंदिरों की प्रसिद्धि का कारण इनसे जुड़ा इतिहास है। इनमें से ज्यादातार के बारे में तो अधिकतर लोग जानते होंगे।

रविवार का गुडलक: देवी रक्तदंतिका करेंगी शत्रुओं और विरोधियों का अंत

आज देवी रक्तदंतिका का पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। आद्या शक्ति महादेवी का रक्तदंतिका स्वरूप मूल रूप से जगदंबा का तामसिक स्वरूप माना जाता है। रक्तदंतिका का अर्थ है जिस देवी के दांत खून से सने हैं।

धन लाभ एवं सुख-समृद्धि को इस विधि से करें जेब में कैद

किसी भी परिधान में रखी गई छोटी सी जेब बहुत बड़ा महत्व रखती है। जिस व्यक्ति की जेब भारी होती है उसके अंग-संग चलने वाले बहुत मित्र-रिश्तेदार होते हैं।

कड़ी मेहनत के बाद भी मिल रही है असफलता, आज ही घर से निकालें ये चीजें

प्रत्येक आम आदमी अपने जीवन में मेहनत करता है व अमीर बनने के ख्वाब देखता है, परंतु उनमें से कुछ ही होते हैं जिनके यह सपने पूरे हो पाते हैं, ज्यादातार लोग अपनी ख्वाहिशों को पूरा नहीं कर पाते।

होली मिलन: राधा-कृष्ण के पूजन से दांपत्य जीवन के क्लह-क्लेश का होगा अंत

शब्ध धूलिवंदन का अर्थ है धूल व राख की वंदना। होलिका की आग से बनी राख को माथे से लगाने की बाद ही होली खेलना प्रारंभ किया जाता है।

शारीरिक व मानसिक शुद्धिकरण के लिए किया जाता है उपवास

हिंदुओं में प्रत्येक दिवस कोई न कोई व्रत जरूर होता है, सभी धर्मों के लोग व्रत को अपनी-अपनी विधि के अनुसार रखते हैं।

अनजाने में भी की गई यह भूल से हो सकती है धन-हानि

यदि आप भी अपनी रोजी-रोटी के लिए पूरी मेहनत और ईमानदारी से हर कार्य करते हैं लेकिन असफलता के अलावा आपको कुछ हासिल नहीं होता या लगातार धन की हानि का सामना करना पड़ता है।

देशभर की इन जगहों में कुछ खास तरीके से मनाई जाती है होली

पूरे देशभर में होली के पर्व का धूम देखने को मिल रही है। होली का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

होलिका दहन की राख के साथ करें ये टोटके, आएंगे अच्छे दिन

ज्योतिष विद्वान कहते हैं कि होली की रात किए गए उपाय शीघ्र फल देते हैं। बृहस्पतिवार 1 मार्च की रात को होलिका दहन किया जाएगा। अगले दिन सुबह यानि 2 मार्च को होली की राख के साथ कुछ उपाय किए जाएंगे तो आएंगे अच्छे दिन।

पिछले 150 वर्षों से यहां नहीं मनाई जाती होली, जानें इसके पीछे की वजह

देशभर में प्रत्येक वर्ष फाल्गुन के महीने में होली का पर्व बड़ी ही से धूम-धान से मनाया जाता है और इस वर्ष भी यह त्यौहार 2 फरवरी को मनाया जाएगा।

किनारे की तरफ सिंदूर लगाने वाली महिलाओं के पति आयु हो जाती है कम

हिंदू समाज में शादीशुदा स्त्री के लिए सिंदूर व मंगल सूत्र पहनने का बहुत महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म में भी सिंदूर की बहुत महत्ता है।

होलिका दहन के इस मुहूर्त में अपनी परेशानियों को करें अलविदा

वीरवार, 1 मार्च को होलिका दहन का विशेष शुभ समय सायंकाल 7 बजकर 40 मिनट से 8 बजकर 50 मिनट तक होगा।

जीवन के निर्माण के लिए धन संचय की प्रवृत्ति है व्यर्थ

उनके स्वस्थापित ट्रस्टों ने मानवतावादी दृष्टि से अंग्रेजी भाषाभाषी विश्व की साहित्य, कला, संस्कृति, शिक्षा एवं समाजसेवा की दिशा में सेवा का उज्वल दृष्टांत उपस्थित किया था।

शिवलिंग के दर्शन मात्र से कटेंगे अनेकों जन्मों के पाप

बुधवार दि॰ 28.02.18 फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी के उपलक्ष्य में बुध प्रदोष पर्व मनाया जाएगा। त्रयोदशी तिथि परमेश्वर शिव को समर्पित है।

मार्च महीने के व्रत-त्यौहार आदि

1 मार्च : वीरवार : श्री सत्य नारायण व्रत, स्नानदान आदि की फाल्गुणी पूर्णिमा (प्रात: 8 बज कर 58 मिनट के बाद), होली महापर्व, होलिका दहन (सायं 7 बजकर 40 मिनट पर भद्रा के बाद), होलाष्टक (होलियां) समाप्त, श्री चैतन्य महाप्रभु जी की जयंती, श्री लक्ष्मी नारायण व्रत, हुताशिनी पूर्णिमा, दोलयात्रा (बंगाल)

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