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Monday, 10th December 2018
   
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धर्म संसार

सबको कर्मों का फल मिलता है नारद

नारद बोले, मैं तो देखकर आ रहा हूं, पापियों को अच्छा फल मिल रहा है और भला करने वाले, धर्म के रास्ते पर चलने वाले लोगों को बुरा फल मिल रहा है। भगवान ने कहा, कोई ऐसी घटना बताओ।

‘मानव देह का अंत निश्चित है’

इस अस्वीकृति पर प्रश्राकुल इंद्र को शरभंग का उत्तर मिला, भगवन, मानव देह तो पंच तत्वों का मिश्रण है। मैं भी स्वयं मानव देह ही हूं।

आस्था या अंधविश्वास: पहाड़वासी परियों की करते हैं पूजा

थात गांव से यह मंदिर 5 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके साथ ही भिलंगना नदी बहती है। देश-विदेश से आए लोगों के लिए यहां धर्मशालाएं हैं।

नारद जयंती: नारद अनेक कलाओं में निपुण थे

पुराणों में देवर्षि नारद को भगवान के गुण गाने में सर्वोत्तम और अत्याचारी दानवों द्वारा जनता के उत्पीडऩ का वृत्तांत भगवान तक पहुंचाने वाला त्रैलोक्य पर्यटक माना गया है।

आज है सर्वार्थ सिद्धि योग, सभी मनोकामनाओं होंगे पूरा

ऐसे में निश्चित वार और निश्चित नक्षत्र के संयोग से बनने वाले शुभ और अशुभ योगों में सर्वार्थ सिद्धि योग जैसा अति शुभ योग बनता है।

आज भी जीवित है अश्वत्थामा

अश्वत्थामा का यह कुकृत्य जब दूसरे दिन द्रौपदी को पता चला तो वह पुत्रों के शोक में विह्वल हो गई। उसके हृदय में क्रोध की ज्वाला धधक उठी।

जानें मई महीने के व्रत-त्यौहार बारे में

बुधवार : ब्रह्मा जी के मानसपुत्र देव ऋषि नारद जी की जयंती, शब-ए-बारात (मुस्लिम पर्व);

बुद्ध पूर्णिमा: वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध को बोधित्व प्राप्त हुआ था

वर्तमान में यह धर्म चार संप्रदायों-हीनयान, महायान, वज्रयान और नवयान में बंटा हुआ है, किंतु सभी संप्रदायों के लोग भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को ही मानते हैं। वैशाख माह की पूर्णिमा को बुद्ध को बोधित्व प्राप्त हुआ था।

जानिए शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए क्या करें क्या न करें

व्यक्ति के गलत कार्यों के फलस्वरूप उसे पीड़ा भोगनी पड़ती है। शनिदेव इस पीड़ा देने के माध्यम मात्र बनते हैं।

नरसिंह जयंती: भगवान सदा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं

होलिका अपने भतीजे को मारने के लिए उसे गोद में लेकर दहकती हुई आग में बैठ गई परंतु - जाको राखे साईंयां मार सके न कोई, की कहावत चरितार्थ हुई और भक्त प्रहलाद का बाल भी बांका न हुआ तथा होलिका जलकर राख हो गई।

वैशाख​ की पूर्णिमा पर बन रहा है खास योग, लाभ के लिए ऐसे करें उपाय

पूर्णिमा पर बुद्ध जयंती का पर्व भी मनाया जाएगा। इसे सोमवती पूर्णिमा भी कहा जाता है। अब वैशाख पूर्णिमा के दिन ऐसा संयोग 2022 में बनेगा।

शुक्र प्रदोष: प्रदोषकाल में शिवलिंग के दर्शन मात्र से सर्व जन्मों के पाप नष्ट होते हैं

शुक्र प्रदोष के बारे में छंद कहा गया है "अभीष्ट सिद्धि की कामना, यदि हो हृदय विचार। धर्म, अर्थ, कामादि, सुख, मिले पदार्थ चार"।

मोहिनी एकादशी: जानें पूजन विधि के बारे में

जिसके अनुसार सरस्वती के तट पर भद्रावती नगरी में चंद्रवंशी राजा "द्युतिमान" के राज्य में धनपाल नामक अत्यंत धर्मालु वैश्य रहता था।

मोहिनी एकादशी: व्रत कथा के साथ जानें रात्रि जागरण की महिमा

उसका मन सदा ही पापों में लगा रहता था। वह अपने पिता के धन का दुरुपयोग करता रहता था तथा उसने न तो देवी-देवताओं का पूजन किया और न ही ब्राह्मणों एवं पितरों का कभी आदर सत्कार किया।

जो चमकता है वह सब सोना नहीं होता

अभावों में किस तरह बीत रहा है। देवलोक में इंद्र का जीवन देखिए, कितना वैभवशाली है और मेरा जीवन भिक्षुक वनवासी तपस्वी का।

बद्रीनाथ धाम के कपाट 30 को खुलेंगे

शास्त्रों में बताया गया है कि मनुष्य को जीवन में कम से कम एक बार बद्रीनाथ के दर्शन जरूर करने चाहिए।

एक तस्वीर जो बदल देगी आपकी जिंदगी

माना जाता है कि इनमें अनिष्ट करने वाले तत्वों को काबू करने की शक्तियां होती हैं, इसलिए इनकी दृष्टि को बहुत शुभ माना जाता है।

राजा जनक को खेत में कलश के अंदर मिलीं थी जानकी, ऐसे पड़ा था नाम सीता

रामायण के अनुसार मिथिला के राजा जनक की कोई संतान नहीं थी। घर धन-धान्य से संपन्न होने के बाद भी संतान ना होने के कारण राजान जनक काफी निराश रहते थे।

टूटते रिश्तों को बचाएंगे ये उपाय

आपने अक्सर बड़े-बुजुर्गों से सुना होगा कि जहां दो बर्तन एक साथ हो वे खटकते जरूर हैं।

टपकेश्वर मंदिर का हैरान करने वाला सच

एेेसा ही भोलेनाथ का एक प्राचीन मंदिर देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित है।

धन का राजा आया अपने घर, अब मिलेगा दौलत का सुख

प्रेम और धन-दौलत के स्वामी शुक्र शत्रु राशि मेष से अपने घर वृष राशि में लौट आए हैं। अब 14 मई तक यह यहीं रहेंगे।

चमत्कारिक टोटके, बरसाते हैं धन

सर्वकल्याणकारी वैदिक शास्त्र वचनों के नियमों का पालन करने से जीवन सुखी बनाया जा सकता है।

सकारात्मक ऊर्जा को सक्रिय करने के उपाय

ऐसी स्थिति में ‘ची’ को सक्रिय करके समस्त प्रकार की समस्याओं से निजाज पाई जा सकती है। उत्तर दिशा शांति और विश्राम से संबंधित है।

शंख स्थापना से होगा घर में लक्ष्मी का वास

प्रकृति में पचास हजार से भी अधिक प्रकार के शंख पाए जाते हैं जिनमें से कुछ खास शंखों का ही विशेष महत्व है।

चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है

भयंकर बारिश, फिर भी आगे बढ़ता हुजूम न तो रुकता है और न ही उसके प्रवाह में कोई कमी आती है।

शनि-पीड़ा को देते चीर, कष्टभंजन महावीर

माना जाता है कि भूत-पिशाच हनुमान जी का केवल नाम उच्चारण करने मात्र से ही दूर भाग जाते हैं।

लेने में नहीं देने में है असीम आनंद

रास्ते में उन्होंने एक जगह पर देखा कि पुराने हो चुके एक जोड़ी जूते पड़े हैं।

सती अनुसूइया: त्रिदेवों को बनाया 6 मास के शिशु

भारत वर्ष की सती-साध्वी नारियों में अनसूया जी का स्थान बहुत ऊंचा है। इनका जन्म अत्यंत उच्च कुल में हुआ था।

ईश्वर या भाग्य के भरोसे बैठे रहना है कायरता

कुछ ही लोग खुद की खोज में मंदिर आते हैं, अधिकांश तो चमत्कार की उम्मीद में आते हैं। इसे हमारी परम्परा और पंथों का समर्थन हासिल है।

दौलतमंद बनना है तो सोने से पहले न करें ये काम

हिंदू पुराणों और वास्तुशास्त्र में व्यक्ति के प्रत्येक क्रियाकलाप को लेकर कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं।

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