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Friday, 25th May 2018
   
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धर्म संसार

भगवान विष्णु की जुब़ानी सुने कौन है उन्हें अधिक प्रिय

एक बार की बात है भगवान नारायण वैकुण्ठलोक में सोये हुए थे।

अगर सपने में शिवलिंग देख लिया है तो अगली सुबह होगा ये परिवर्तन

कुछ लोगों को रात में सोते समय डरावने सपने, तो कुछ को बढ़िया सपने आते हैं। हर सपने का मतलब होता है। सपना हर इन्सान देखता है और उसका प्रभाव उसपर पड़ता है।

आज भी श्रीलंका में हैं रामायण के ये राज, जानकर हो जाएंगे हैरान

1846 में एक अंग्रेज अधिकारी सैमुअल बेकर ने खोजा और यहां इंगलिश गांव बसा दिया।

अगर एेसे नहीं करेंगे घर में प्रवेश तो मची रहेगी आशांति

वास्तु मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व रखता है। यह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव डालता है।

मलमास में विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने या सुनने मात्र से होता है दुखों का अंत

कलयुग में भागवत जी का पाठ हर दुख का अंत करने वाला है। इसके श्रवण मात्र से हरि हृदय में आ विराजते हैं। जो पुण्य गंगा, गया, काशी, पुष्कर या प्रयाग तीर्थ से प्राप्त होता है, उससे भी अधिक पुण्य भागवत कथा से प्राप्त होता है।

करें 16 सोमवार व्रत, मनोकामनाएं होगी पूर्ण

सोमवार के दिन शिवलिंग पर केसर मिला दूध अर्पित करने से विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। इसके साथ ही शीघ्र विवाह के योग भी बनते हैं। इच्छापूर्ति के लिए सोमवार को 21 बिल्लव पत्रों पर चंदन से ॐ नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करें।

भगवान श्रीकृष्ण ने कहा, स्त्री जल की तरह होती है

कुछ दिन पश्चात श्री कृष्ण ने अपने महल में एक भोज का आयोजन किया। सर्वप्रथम सत्यभामा से भोजन प्रारंभ करने का आग्रह किया। सत्यभामा ने पहला कोर मुंह में डाला मगर यह क्या? सब्जी में तो नमक ही नहीं था।

शनिवार को क्यों नहीं खरीदते हैं यह 10 तरह की चीजें...

इस दिन तेल खरीदने से भी बचना चाहिए। हालांकि तेल का दान किया जा सकता है। काले श्वान को सरसों के तेल से बना हलुआ खिलाने से शनि की दशा टलती है। ज्योतिष के अनुसार, शनिवार को सरसों या किसी भी पदार्थ का तेल खरीदने से वह रोगकारी होता है।

ऐसे पैदा हुई थी गांधारी की 101 संतानें

भगवान वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत में सम्पूर्ण धर्म, दर्शन, समाज, संस्कृति, युद्ध और ज्ञान-विज्ञान की बातें शामिल हैं।

खुलेंगे बंद किस्मत के दरवाज़े

आजकल की फास्ट लाइफ में लोगों को हर चीज़ तेज़ी से चाहिए। किसी में भी सब्र करनी की शक्ति नहीं है।

आज से मलमास शुरू, क्या करें क्या न करें

आज सूर्य मीन राशि में प्रवेश करने के कारण मलमास प्रारंभ हो जाएगा। ऐसा होते ही जिसके बाद अगले एक महीने तक सभी मांगलिक कार्य नहीं किये जाएंगे। जिसके बाद 13 जून तक सूर्य इस राशि में भ्रमण करते रहेंगे। इसके पश्चात् जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे तो इसके बाद ही विवाह आदि सब मांगलिक कार्य भी प्रारंभ किए जा सकेंगे।

बालक नचिकेता की कर्तव्य-परायणता से खुश हो यमराज कहा वर मांगो

नचिकेता एक छोटे बालक थे। एक समय उनके पिता उद्दालक ने एक यज्ञ में सभी सांसारिक वस्तुओं को दान करना था। तब नचिकेता ने अपने पिता से प्रश्न किया कि सांसारिक वस्तुओं में तो मैं भी शामिल हूं।

शनि जयंती: करें दान पूर्ण होगी मनोकामनाएं

तब भी मंगल, केतु के साथ मकर राशि में और राहु कर्क राशि में थे और बुध मेष में थे। 2018 में शनि धनु राशि में वक्री चल रहे हैं।

अपरा एकादशी का व्रत करने वाला मनुष्य अपार धन का स्वामी बनता है

यह व्रत पाप रूपि वृक्ष को काटने के लिए कुल्हाड़ी तथा पुण्यकर्मों की प्राप्ति के लिए किसी कल्पवृक्ष से कम नहीं है।

आत्मा अविनाशी है

अर्थात: आत्मा को न शस्त्र छेद सकते हैं, न अग्नि जला सकती है, न जल उसे गला सकता है और न हवा उसे सुखा सकती है। इस आत्मा का कभी भी विनाश नहीं हो सकता है, यह अविनाशी है।

सबको कर्मों का फल मिलता है नारद

नारद बोले, मैं तो देखकर आ रहा हूं, पापियों को अच्छा फल मिल रहा है और भला करने वाले, धर्म के रास्ते पर चलने वाले लोगों को बुरा फल मिल रहा है। भगवान ने कहा, कोई ऐसी घटना बताओ।

‘मानव देह का अंत निश्चित है’

इस अस्वीकृति पर प्रश्राकुल इंद्र को शरभंग का उत्तर मिला, भगवन, मानव देह तो पंच तत्वों का मिश्रण है। मैं भी स्वयं मानव देह ही हूं।

आस्था या अंधविश्वास: पहाड़वासी परियों की करते हैं पूजा

थात गांव से यह मंदिर 5 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके साथ ही भिलंगना नदी बहती है। देश-विदेश से आए लोगों के लिए यहां धर्मशालाएं हैं।

नारद जयंती: नारद अनेक कलाओं में निपुण थे

पुराणों में देवर्षि नारद को भगवान के गुण गाने में सर्वोत्तम और अत्याचारी दानवों द्वारा जनता के उत्पीडऩ का वृत्तांत भगवान तक पहुंचाने वाला त्रैलोक्य पर्यटक माना गया है।

आज है सर्वार्थ सिद्धि योग, सभी मनोकामनाओं होंगे पूरा

ऐसे में निश्चित वार और निश्चित नक्षत्र के संयोग से बनने वाले शुभ और अशुभ योगों में सर्वार्थ सिद्धि योग जैसा अति शुभ योग बनता है।

आज भी जीवित है अश्वत्थामा

अश्वत्थामा का यह कुकृत्य जब दूसरे दिन द्रौपदी को पता चला तो वह पुत्रों के शोक में विह्वल हो गई। उसके हृदय में क्रोध की ज्वाला धधक उठी।

जानें मई महीने के व्रत-त्यौहार बारे में

बुधवार : ब्रह्मा जी के मानसपुत्र देव ऋषि नारद जी की जयंती, शब-ए-बारात (मुस्लिम पर्व);

बुद्ध पूर्णिमा: वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध को बोधित्व प्राप्त हुआ था

वर्तमान में यह धर्म चार संप्रदायों-हीनयान, महायान, वज्रयान और नवयान में बंटा हुआ है, किंतु सभी संप्रदायों के लोग भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को ही मानते हैं। वैशाख माह की पूर्णिमा को बुद्ध को बोधित्व प्राप्त हुआ था।

जानिए शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए क्या करें क्या न करें

व्यक्ति के गलत कार्यों के फलस्वरूप उसे पीड़ा भोगनी पड़ती है। शनिदेव इस पीड़ा देने के माध्यम मात्र बनते हैं।

नरसिंह जयंती: भगवान सदा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं

होलिका अपने भतीजे को मारने के लिए उसे गोद में लेकर दहकती हुई आग में बैठ गई परंतु - जाको राखे साईंयां मार सके न कोई, की कहावत चरितार्थ हुई और भक्त प्रहलाद का बाल भी बांका न हुआ तथा होलिका जलकर राख हो गई।

वैशाख​ की पूर्णिमा पर बन रहा है खास योग, लाभ के लिए ऐसे करें उपाय

पूर्णिमा पर बुद्ध जयंती का पर्व भी मनाया जाएगा। इसे सोमवती पूर्णिमा भी कहा जाता है। अब वैशाख पूर्णिमा के दिन ऐसा संयोग 2022 में बनेगा।

शुक्र प्रदोष: प्रदोषकाल में शिवलिंग के दर्शन मात्र से सर्व जन्मों के पाप नष्ट होते हैं

शुक्र प्रदोष के बारे में छंद कहा गया है "अभीष्ट सिद्धि की कामना, यदि हो हृदय विचार। धर्म, अर्थ, कामादि, सुख, मिले पदार्थ चार"।

मोहिनी एकादशी: जानें पूजन विधि के बारे में

जिसके अनुसार सरस्वती के तट पर भद्रावती नगरी में चंद्रवंशी राजा "द्युतिमान" के राज्य में धनपाल नामक अत्यंत धर्मालु वैश्य रहता था।

मोहिनी एकादशी: व्रत कथा के साथ जानें रात्रि जागरण की महिमा

उसका मन सदा ही पापों में लगा रहता था। वह अपने पिता के धन का दुरुपयोग करता रहता था तथा उसने न तो देवी-देवताओं का पूजन किया और न ही ब्राह्मणों एवं पितरों का कभी आदर सत्कार किया।

जो चमकता है वह सब सोना नहीं होता

अभावों में किस तरह बीत रहा है। देवलोक में इंद्र का जीवन देखिए, कितना वैभवशाली है और मेरा जीवन भिक्षुक वनवासी तपस्वी का।

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